चोर आते हैं लेकिन अलीबाबा का घर नहीं खोज पाते हैं. Le film met en vedette Dharmendra, Hema Malini et Zeenat Aman. Un article de Wikipédia, l'encyclopédie libre. Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment. मीर कासिम को जब यह बात पता चली तो वह अली बाबा के पास पहुंच गया और सच्चाई पूछी. [5] The songs were sung by Mohammed Rafi, Shamshad Begum and Asha Bhosle. कासिम इर्श्या इतना बढ़ गया कि वह सो नहीं सका इसलिए वह तुरंत अलीबाबा के घर गया और अलीबाबा से पूछा, अरे, भाई, तुम्हें कुछ चाहिए? अलीबाबा की पत्नी: कुछ भी नहीं बस अनाज गिनना है |, कासिम की पत्नी एक चालाक महिला थी, उसने सोचा कि अलीबाबा के पास वजन करने के लिए इतना अनाज नहीं हो सकता है। इसलिए उसने मोम को मशीन  नीचे चिपका दिया और Alibaba की पत्नी को दे दिया।, अलीबाबा की पत्नी ने सोने के सिक्कों को तौलना शुरू किया और इसकी मात्रा से बहुत खुश हो गयी | वजन करते हुए उसने कहा कि हम अमीर हो गए हैं और हम जो भी चाहें खरीद सकते हैं |, लेकिन अलीबाबा ने कहा कि इतनी जल्दी नहीं, हर कोई हम पर शक करेगा। हम किसी को भी हमारे रहस्य को जानने नहीं दे सकते। अलीबाबा की पत्नी ने किसी से नहीं कहने की शर्त स्वीकार कर ली।, लेकिन दूसरे दिन, कासिम की पत्नी ने तराजू देखकर उनके रहस्यों का पता लगाया, उसने तुरंत कासिम को अपने भाई के धन के बारे में सूचित किया | कासिम को सवाल पड़ा के अलीबाबा ने सोनेके सिक्कों की खोज कैसे की, मुझे इसका पता लगाना चाहिए।. Alibaba and 40 Thieves (Alibaba Aur Chalis Chor) is a 1954 Hindi/Urdu fantasy action film directed by Homi Wadia. चोर: नमस्ते, डॉक्टर क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जो कुछ दिनों के भीतर मर गया? The lyricist was Raja Mehdi Ali Khan. Alibaba Aur 40 Chor Ki Kahani To Sab Ne Suni Hogi lekin Ali Baba ke bhai ka Kya Naam Tha Ali Baba ki naukrani Ka Kya Naam Tha aur Ali Baba kya kar kar apna - 14689369 एक दिन जंगल में लकड़िया नहीं मिली तो अली बाबा को जंगल के उस हिस्से में जाना पड़ा, जहां के बारे में यह मशहूर था कि वहां जिन्नात रहते हैं और डर के मारे वहां कोई नहीं जाता था. अलीबाबा की कहानी अरेबिनयन नाइट्स किताब में पहली बार आई थी, जिसे रूडयार्ड किपलिंग ने लिखा था. अलीबाबा चोरों के सरदार को समय रहते पहचान लेता है. Приключения Али-Бабы и сорока разбойников, https://fr.wikipedia.org/w/index.php?title=Alibaba_Aur_40_Chor&oldid=173684983, Adaptation des Mille et Une Nuits au cinéma, Portail:Époque contemporaine/Articles liés, licence Creative Commons attribution, partage dans les mêmes conditions, comment citer les auteurs et mentionner la licence. The art direction and special effects were by Babubhai Mistry. फिर उसने अलीबाबा से पूछा .. क्या आपने ये सिक्के चुराए हैं? अलीबाबा से जितना हो सका उसने माल-असबाब इकट्ठा किया और खुल जा सिम-सिम बोला. किस तरह?? He invites them home where Marjina finds out the chief’s strategy of pretending to be a merchant. Find the latest Status about ali baba 40 chor ki kahani from top creators only on Nojoto App. La dernière modification de cette page a été faite le 9 août 2020 à 16:40. अलीबाबा ने वहीं ठहर को इस माजरे को समझने की कोशिश की और थोड़ी देर बाद सारे चोर वापस निकल वहां से चले गए. The film based on the Arabian Nights fantasy adventure follows the story of Alibaba finding the cave filled with treasure and his escapades thereafter. Finally Alibaba is free of the thieves and lives amicably with his brother and family. With Dharmendra, Hema Malini, Zeenat Aman, Prem Chopra. वह 40 ड्रम बनवाता है और एक में तेल और बाकि में अपने साथियों को छुपाकर अलीबाबा के घर पहुंच जाता है. बगदाद की लड़कियों को मरने से बचाने के लिए बादशाह के वजीर की बेटी बादशाह से शादी करने का निश्चय लेती है. ये बोलते ही पहाड़ में एक गुफा का दरवाजा खुल गया और चोर उसके अंदर चले गए. यहां हम आपको उस किताब में से अलीबाबा और 40 चोरों की कहानी सुना रहे हैं. डॉ: हाँ, कासिम मर गया। उसकी नौकरानी मेरे पास आई थी और उसकी बीमारी का वर्णन किया था | मैंने उसे लक्षणों के अनुसार दवा दी। लेकिन फिर भी वह मर गया, मुझे उसके लिए बहुत खेद है।. अलीबाबा और 40 चोर - alibaba aur 40 chor ki kahani अलिफ लैला की कहानियां-अलीबाबा और 40 चोर alibaba aur 40 chor ki kahani अलीबाबा और 40 चोर बहुत प्रसिद्ध कहानी है. Ali Baba hears the password to the door of the cave of the dacoits and takes a lot of jewels from the cave. अलीबाबा को लगा कि आज तो काम से गए क्योंकि किसी जिन्न ने उसको देख लिया है. अलीबाबा ने कहा कि यह बहुत लंबी कहानी है और मैंने पहले से किसीने चुराके वहा रक्खे थे मैंने कोई भी चीज नहीं चुराई है | इसलिए उसने कहा ठीक है और वो सिक्को को गिनने लगी |, तो अलीबाबा ने कहा, नहीं नहीं, हम यह नहीं गिन सकते हैं क्यों की ये बोहोत ज्यादा है | आप एक काम कीजिये मेरे भाई के घर जाके वजन गिनने का काटा ले आइये |. दादी-नानी की कहानी में भी अलीबाबा का जिक्र आता है. alibaba chalis chor story in hindi download. He later goes back there and returns a rich man. Together they gave 'folk-based' music with some classical input by Tripathi. बगदाद के एक शहर में दो भाई रहा करते थे. अलीबाबा और चालीस चोर की हिंदी कहानी | Alibaba aur 40 chor hindi story: Best True Love Story in Hindi | प्यार की सच्ची कहानी हिंदी में, Pariyon Ki Kahani Latest | नई परियों की कहानी, लालची मिठाई वाला पचतंत्र कहानी | Greedy Sweet seller panchatantra Story, Bhoot Ki Kahani | मोती की हिम्मत ने बचाई भूत से जान. इसी बीच जब चाकू और छुरियों से नृत्य चल रहा होता है तो रक्कासा अलीबाबा के कहने पर उसके बेटे के मित्र के सीने में घोंप देती है. अलीबाबा और 40 चोर - alibaba aur 40 chor ki kahani. इस किताब की शुरूआत बगदाद के एक बादशाह की बेवफा बीवी से होती है, जिसकी वजह से बादशाह एक कसम खाता है कि वह रोज एक लड़की से शादी करेगा और अगले दिन उसे फांसी पर चढ़ा देगा. Stories, Home remedies, Quotes, Astrology, News, अलीबाबा और चालीस चोर की हिंदी कहानी | Alibaba aur 40 chor hindi story: बहुत साल पहले परसिआ के एक शहर में कालीन का एक व्यापारी रहता था। उसके 2 बेटे थे कासिम और अलीबाबा। उसका व्यापार अच्छा चल रहा था लेकिन कुछ समय बाद उसकी मौत हो गयी जिसके बाद बड़े बेटे क़ासिम जो की लालची व्यक्ति था उसने सारे व्यापार पर कब्ज़ा कर लिया और अलीबाबा को घर निकाल दिया।, जिसके बाद अलीबाबा और उसकी बीवी दूसरी जगह जाकर रहने लगे और ग़रीबी में जीवन बिताने लगे । अलीबाबा जंगल में लकड़ियाँ काट कर बेचता था और अपनी बीवी और बच्चों का पालन पोषण करता था। यह सब ऐसा ही चल रहा था की एक दिन अलीबाबा जंगल में लकड़ियाँ काट रहा था तो उसने 40 घुड़सवार को जंगल में से गुजरते हुए देखा वह एक पेड़ के पीछे छिप कर यह सब देख रहा था।, उसने देखा उन सभी घुड़सवार के साथ एक पोटली थी और उनके पास खंजर भी था जिससे अलीबाबा समझ गया की यह सब चोर है। वह उन सभी को देख ही रहा था की वह 40 चोर एक छोटी पहाड़ी के सामने जाकर रुक गए। उन चोरों का सरदार पहाड़ी के सामने “खुल जा सिम सिम ” बोला जिसके बाद पहाड़ी में से एक खुफ़िया दरवाज़ा खुल गया और सारे चोर अंदर चले गए और वह दरवाजा बंद हो गया।, यह सब देख कर अलीबाबा बहुत हैरान हो गया। वह उस पहाड़ को ऐसे ही कुछ समय देख रहा था की वह ख़ुफ़िया दरवाजा फिर खुला और उसमे से चालीस चोर निकले और चले गए जिसके बाद दरवाजा फिर बंद हो गया।, अलीबाबा को बहुत जानने की इच्छा हुई की आख़िर उस दरवाज़े के अंदर क्या है। वह यह जानने के लिए उस पहाड़ के पास गया और जो चोरों के सरदार ने शब्द बोले थे वही बोलने लगा “खुल जा सिम सिम ” उसके यह बोलने के बाद दरवाजा फिर खुल गया और अलीबाबा गुफ़ा के अंदर चला गया।, गुफ़ा के अंदर अलीबाबा ने जाकर देखा की गुफ़ा में बहुत सा सोना, चांदी , हीरे , जवाहरात और सोने के सिक्कें रखे थे। वह यह सब देख कर बहुत खुश हो गया। उसको समझ आ गया था की सभी चोर अपनी चोरी और लूट का माल उस पहाड़ी की गुफा में छुपाते है।, उसने कुछ सोने के सिक्के एक पोटली में भरे और उस गुफ़ा से चला आया। उसने यह सारी बात जाकर अपनी बीवी को बताई और वह सिक्के दिखाए। जिससे उसकी बीवी बहुत खुश हो गयी। अलीबाबा ने अपनी बीवी को सोने के सिक्के गिनने के लिए अपने बड़े भाई क़ासिम के घर जाकर तराजू लाने के लिए कहा और बोला की किसी को इस बारे में न बताएं।, अलीबाबा की बीवी तभी क़ासिम के घर गयी और उसकी बीवी से तराज़ू अनाज़ तोलने के लिए माँगा। क़ासिम की बीवी बहुत चालक औरत थी। उसको शक हुआ की इन गरीबों के पास इतना अनाज़ कहा से आया तब उसने तराज़ू के नीचे थोड़ा सा गोंद लगाकर उसको दे दिया। रात को अलीबाबा और उसकी बीवी ने सोने के सिक्के तोले और सुबह वह तराजू क़ासिम की बीवी को लौटा दिया।, क़ासिम की बीवी ने जब तराजू उल्टा करके देखा तो उसको एक सोने का सिक्का उसमें चिपका हुआ मिला। उसने यह बात अपने पति को बताई। यह बात सुन कर क़ासिम अपने भाई अलीबाबा के पास गया और उसको सहानुभूति दिखा कर उससे सारा राज़ जान लिया। अलीबाबा ने उसको सारी बात बताने के साथ दरवाजा खोलने के लिए ख़ुफ़िया शब्द “खुल जा सिम सिम” भी बता दिए।, क़ासिम यह सब जान कर अपने साथ कुछ खच्चर को लेकर उसी पहाड़ी के पास चला गया। उसने “खुल जा सिम सिम” बोला और दरवाज़ा खुल गया जिसके बाद वह उस उसके अंदर चला गया। उसने अंदर जाकर बहुत सारा खजाना देखा और उसको उसको भर लिया लेकिन जैसे ही वह उस गुफ़ा से निकलने के लिए वह ख़ुफ़िया शब्द बोलने लगा तो वह यह शब्द भूल चूका था।, जिससे वह उस गुफ़ा में ही बंद हो गया और कुछ देर बाद 40 चोर आये और दरवाजा खोलकर अंदर आये तो उन्हें क़ासिम मिला। उनको पता चल चूका था की वह उनका ख़जाना लेने आया है तो उनने उसको मार दिया और उसकी लाश को वही छोड़ कर चले गए।, जब बहुत देर तक क़ासिम नहीं आया तो क़ासिम की बीवी अलीबाबा के घर गयी और सारी बात बताई। तब अलीबाबा उसको ढूंढने के लिए गुफ़ा के अंदर गया तो उसको क़ासिम की लाश मिली जिससे वह बहुत दुःखी हुआ और उसकी लाश को अपने साथ खच्चर पर लाद कर ले आया।, उनने यह बात